शब्दार्थ
जलन
jalan
hinoun (feminine)
अर्थ
ईर्ष्या, डाह अथवा जलने की अनुभूति या दाह।
विस्तार
काव्य में 'जलन' का अर्थ शारीरिक दाह के साथ-साथ ईर्ष्या, डाह अथवा भीतर की कुढ़न भी होता है। प्रस्तुत शे'र में यह वा'इज़ (उपदेशक) के मन की ईर्ष्या या बेचैनी को व्यंग्यात्मक रूप से दर्शाता है। यह शब्द प्रेम के विरह की तपन और परस्पर द्वेष दोनों भावों को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
From Sanskrit 'jvalana' (burning, flaming), passing through Prakrit into Hindustani.
प्रयोग
In classical ghazals, 'jalan' is commonly deployed both for the fiery pangs of love and for the petty envy directed at rivals or preachers.
उदाहरण
दिल की जलन छुपाए नहीं छुपती
रक़ीब की जलन का कोई इलाज नहीं
समानार्थी
ईर्ष्याहसदडाहसोज़िश
संबंधित शब्द
जलनाजलाजलाव
