शब्दार्थ

जल्वा-फ़रमाई

jalwa-farmāī

hinoun

अर्थ

सौंदर्य या गरिमामय उपस्थिति प्रकट करना, सुशोभित होना।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'जल्वा-फ़रमाई' का अर्थ माशूक़ अथवा ईश्वर के सौंदर्य की गरिमामयी अभिव्यक्ति और उपस्थिति है। ग़ालिब के इस शेर में इसका अभिप्राय प्रियतम द्वारा बाग़ को अपनी उपस्थिति से सजीव व सुशोभित करने से है, जिसके प्रभाव से कलियों का चटकना भी दिल की हँसी जैसा मालूम होता है।

व्युत्पत्ति

Compound of Arabic 'jalwah' (manifestation, brilliance) and Persian 'farmāī' (verbal noun from farmūdan, meaning to grace, perform, or command).

प्रयोग

Commonly employed in the ghazal to portray the beloved's arrival as an exalted, dazzling revelation.

उदाहरण

महफ़िल में महबूब की जल्वा-फ़रमाई

चमन में हुस्न की जल्वा-फ़रमाई

समानार्थी

हुस्न-नुमाईनुमाइशज़ुहूर

संबंधित शब्द

जल्वाजल्वा-अफ़रोज़ीजल्वा-गर
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