शब्दार्थ

जल

jal

hiverb

अर्थ

जलना, भस्म होना या आग पकड़ना।

विस्तार

उर्दू और हिन्दुस्तानी शायरी में इसका अर्थ आग पकड़ना, जलना या राख होना है। इस शेर में यह वहशत के एक ख़याल की प्रचण्ड मानसिक तपन से पूरे सहरा के भस्म हो जाने को दर्शाता है। यह अक्सर इश्क़ के आंतरिक दाह और आत्म-विनाशकारी जुनून का प्रतीक बनता है।

व्युत्पत्ति

From Sanskrit ज्वलति (jvalati, 'to burn/shine'), through Prakrit जलइ (jalaï).

प्रयोग

A primary motif in ghazal poetics, often combined with words like 'dil' (heart) or 'jigar' (liver) to represent unbearable emotional torment.

उदाहरण

दिल की आतिश से सारा चमन जल गया

शमा की लौ में परवाना जल गया

समानार्थी

सुलगनाभस्म होनाफुँकना

संबंधित शब्द

आगशोलातपिशवहशत
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