शब्दार्थ
जराहत-तोहफ़ा
Jarahat-tohfa
hinoun compound
अर्थ
घाव या ज़ख़्म का उपहार; भेंट स्वरूप मिले ज़ख़्म।
विस्तार
यह अरबी मूल के दो शब्दों 'जराहत' (घाव) और 'तोहफ़ा' (उपहार) के मेल से बना काव्यात्मक पद है। शेर में आशिक़ अपनी व्यथा और ज़ख़्मों को हमदर्द या महबूब की ओर से मिली क़ीमती सौगात के रूप में देखता है। यह ग़ज़ल की उस रिवायत को दर्शाता है जहाँ प्रेम में मिले दर्द को भी सहर्ष उपहार मानकर स्वीकार किया जाता है।
व्युत्पत्ति
Compound formed from Arabic jarāḥat (جراحة, wound) and Arabic tuḥfah (تحفة, gift/present), combined in Persianized Urdu poetry.
प्रयोग
Employed ironically in Urdu ghazal to denote the lover's proud yet sorrowful embrace of emotional afflictions.
उदाहरण
इश्क़ ने हमें ज़राहत-तोहफ़ा के सिवा और क्या बख़्शा।
अपने दिल के ज़राहत-तोहफ़ा को उसने ब-शौक़ क़बूल किया।
समानार्थी
ज़ख़्म-ए-नज़्रतोहफ़ा-ए-ज़ख़्मसोग़ात-ए-दर्द
संबंधित शब्द
जराहततोहफ़ाअल्मासदाग़-ए-जिगरहदिया
