शब्दार्थ

जमइयत

jam'iyyat

hinoun, feminine

अर्थ

चित्त की शांति, दिल का चैन या सुकून।

विस्तार

उर्दू शायरी में 'जमइयत' का तात्पर्य मन की शांति, चित्त की एकाग्रता और आत्मिक ठहराव से है, जो प्रायः व्याकुलता या बिखराव (परेशानी) के विपरीत प्रयुक्त होता है। इस शेर में 'जमइयत-ए-दिल' हृदय के उस परम सुकून को दर्शाता है जो आत्म-विस्मृति (बे-ख़ुदी) में प्राप्त होता है। यहाँ दोनों जहानों के होश-ओ-हवास को एक परेशान ख़्वाब बताते हुए बे-ख़ुदी के सुकून को श्रेष्ठ बताया गया है।

व्युत्पत्ति

Arabic, from the root j-m-‘ (ج-م-ع) meaning to gather, unite, or bring together; abstract noun denoting collectedness or unity.

प्रयोग

In the ghazal tradition, it is frequently paired in an izafat construction like 'jam'iyyat-e-dil' or 'jam'iyyat-e-khatir' as an antonym to 'pareshaani'.

उदाहरण

जमइयत-ए-ख़ातिर की आरज़ू में उम्र गुज़र गई।

तेरे बग़ैर दिल को घड़ी भर जमइयत मयस्सर न हुई।

समानार्थी

सुकूनइत्मीनानक़रारयक्सूई

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जमामजमाजामे
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