शब्दार्थ

जम'इय्यत

jam'iyyat

hinoun

अर्थ

सभा, जमावड़ा, एकता या मन की एकाग्रता व शांति।

विस्तार

इसका अर्थ लोगों का एकत्रीकरण, जमावड़ा अथवा चित्त की शांति व एकाग्रता होता है। प्रस्तुत शे'र में यह मित्रों के एकजुट होने या उनकी महफ़िल के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है, जिसे शायर ने एक हास्यास्पद दावा माना है। सूफ़ी और शास्त्रीय शायरी में यह बिखराव और व्याकुलता के विलोम रूप में भी आता है।

व्युत्पत्ति

Arabic, derived from the triconsonantal root j-m-ʿ (ج-م-ع), meaning to collect, gather, or unite.

प्रयोग

In classical Urdu ghazals, it is frequently contrasted with 'pareshani' (dispersion) and often appears in the izafat compound 'jam'iyyat-e-khatir' to indicate composure.

उदाहरण

जम'इय्यत-ए-ख़ातिर की तलब में उम्र गुज़र गई।

अहबाब की जम'इय्यत आख़िरकार बिखर ही गई।

समानार्थी

अंजुमनमजलिस्एकत्रतादिलजम्ई

संबंधित शब्द

जमामजमाइज्तिमामुज्तमा
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