शब्दार्थ

जफ़ा-तलबी

jafā-talabī

hinoun

अर्थ

ज़ुल्म या सितम की चाह; दुख सहने की तमन्ना।

विस्तार

यह शब्द महबूब के सितम या पीड़ा को पाने की तीव्र इच्छा को व्यक्त करता है। प्रस्तुत शेर में आशिक़ की दुख झेलने की चाहत को ऐसा भाव बताया गया है जिसे वीरान और बेबुनियाद दुनिया भी सराहती है। यह शास्त्रीय शायरी की उस प्रवृत्ति को दिखाता है जहाँ आशिक़ करुणा के बजाय ज़ुल्म का मुरीद होता है।

व्युत्पत्ति

Arabic 'jafā' (cruelty, hardship) + Arabic 'talab' (search, demand) + Persian suffix of quality '-ī'.

प्रयोग

In classical Urdu poetry, it highlights the lover's romantic masochism, where the beloved's torment is actively welcomed as proof of intimacy.

उदाहरण

शौक़-ए-जफ़ा-तलबी में उम्र गुज़ार दी।

मिरी जफ़ा-तलबी का कोई अंत नहीं।

समानार्थी

सितम-पसंदीजफ़ा-जोईदर्द-तलबी

संबंधित शब्द

जफ़ातलबीजफ़ा-कारसितम
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