शब्दार्थ
जौहर-ग़ुबार
jauhar-ġhubār
hinoun
अर्थ
आईने के जौहर की गर्द या धुंधलापन।
विस्तार
यह सामासिक पद फ़ौलादी आईने के प्राकृतिक रेखों (जौहर) से जुड़ी गर्द या धुंधलेपन को दर्शाता है। शास्त्रीय उर्दू शायरी में यह देखने की तीव्र लालसा के कारण दृष्टि पर छाए हुए पर्दे या वीराने का प्रतीक है। प्रस्तुत शेर में आईना-ख़ाना अत्यधिक दर्शन-लालसा के प्रभाव से ऐसा प्रतीत होता है मानो वह अपने ही जौहर की धूल से भरी कोई घाटी हो।
व्युत्पत्ति
From Arabic 'jawhar' (essence, jewel, grain of steel, via Persian 'gauhar') + Arabic 'ghubār' (dust, haze).
प्रयोग
A characteristic idiom of the Sabk-e-Hindi (Indian style) poetic school, famously favored by Bedil and Ghalib to construct complex visual metaphors of longing and obscurity.
उदाहरण
आईना-ए-दिल जौहर-ग़ुबार से आवेज़ाँ रहा।
हैरत की छाँव में वजूद जौहर-ग़ुबार हो गया।
समानार्थी
ग़ुबार-आलूदधुंधलापनतीरगी
संबंधित शब्द
जौहरग़ुबारआईना-ख़ानाहैरत
