शब्दार्थ
ज़हरा
zahra
hinoun
अर्थ
पित्ता; लाक्षणिक रूप से साहस, हिम्मत या जिगर।
विस्तार
शाब्दिक अर्थ में 'ज़हरा' पित्ताशय (पित्त) को कहते हैं, किंतु शायरी में यह साहस, हिम्मत और जिगर का प्रतीक है। प्रस्तुत शेर में 'ज़हरा-ए-अब्र आब था' मुहावरे 'ज़हरा आब होना' (भय से कलेजा पानी-पानी हो जाना) के संदर्भ में आया है, जिसका अर्थ है कि दिल की जलन की बिजली से बादल का पित्ता भी पिघल कर पानी हो गया।
व्युत्पत्ति
Persian 'zahreh' (زَهره), meaning gall, gallbladder, or courage; distinct from the Arabic loanword 'zuhrah' (Venus).
प्रयोग
In classical Urdu poetry, it frequently appears in idioms like 'zahra aab hona' to portray extreme dread or overpowering awe.
उदाहरण
डर के मारे उसका ज़हरा आब हो गया
ज़हरा पिघल गया उस हैबत-नाक मंज़र को देखकर
समानार्थी
हिम्मतहौसलाजिगरपित्ता
संबंधित शब्द
ज़हरा-आबबर्क़-ए-सोज़-ए-दिलपित्ता
