शब्दार्थ

ज़ोहद

zohd

hinoun (masculine)

अर्थ

तपस्या, परहेज़गारी, धार्मिक संयम या सांसारिक विरक्ति।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू काव्य में 'ज़ोहद' का अभिप्राय सांसारिक सुखों के त्याग, तपस्या और धार्मिक संयम से है। प्रस्तुत शे'र में यह औपचारिक धार्मिक पुण्य और वैराग्य का प्रतीक है, जिसके प्रति सम्मान होने के बावजूद आशिक़ का मन उसकी ओर प्रवृत्त नहीं होता। ग़ज़ल की परंपरा में इसे प्रायः शुष्क परहेज़गारी मानकर इश्क़ और रिंदी के विपरीत रखा जाता है।

व्युत्पत्ति

Arabic root z-h-d (ز-ه-د), meaning to abstain, lead an austere life, or withdraw from worldly desires.

प्रयोग

In the classical ghazal tradition, zohd is commonly depicted as dry or rigid self-denial, contrasted against the sincere ecstasy of ishq and the free-spiritedness of rindi.

उदाहरण

ज़ोहद-ओ-तक़वा की बातें मयकदे में न कर

आशिक़ों का ज़ोहद की तंग गलियों से क्या वास्ता

समानार्थी

परहेज़गारीतपस्यापारसाईवैराग्य

संबंधित शब्द

ज़ाहिदताअततक़वाइबादत
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ज़ोहद meaning | Sukhan AI