शब्दार्थ
ज़ुहूर
zuhūr
hinoun
अर्थ
प्रकटीकरण, प्रकट होना, दृश्यमानता या आविर्भाव।
विस्तार
शास्त्रीय और सूफ़ी शायरी में 'ज़ुहूर' का तात्पर्य परमात्मा या प्रियतम के सौंदर्य और प्रकाश के प्रकट होने से है। इस शेर में शायर का आशय है कि सूर्य की समूची रोशनी भी उसी परम सत्ता के नूर का केवल एक कण-मात्र प्रकटीकरण है।
व्युत्पत्ति
Arabic root z-h-r (ظ-ہ-ر), relating to being apparent, visible, or outward.
प्रयोग
In classical ghazal and Sufi poetry, 'zuhūr' frequently denotes the unfolding of the unseen divine essence into the physical world.
उदाहरण
हर ज़र्रे में उस के हुस्न का ज़ुहूर था
नूर-ए-हक़ के ज़ुहूर से आलम मुनव्वर हुआ
समानार्थी
नुमूदजल्वापैदाइश
संबंधित शब्द
ज़ाहिरमज़हरइज़हार
