शब्दार्थ

ज़हाद

zuhhād

hinoun

अर्थ

तपस्वी, संन्यासी या धर्मपरायण लोग (ज़ाहिद का बहुवचन)।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू कविता में 'ज़हाद' (ज़ुह्हाद) शब्द 'ज़ाहिद' का बहुवचन है, जिसका अर्थ संन्यासी, तपस्वी या बाह्य रूप से परहेज़गार लोग है। प्रस्तुत शेर में शायर ज़ाहिदों को सचेत करता है कि दैर (प्रेम का मंदिर) का रास्ता आसान नहीं है और यह मौसी का घर ('ख़ाना-ए-ख़ाला') नहीं है जहाँ बिना सोचे-समझे जाया जा सके। यह प्रेम की कठिन साधना और रूढ़िवादी तपस्वियों की सीमाओं को व्यक्त करता है।

व्युत्पत्ति

Arabic broken plural (zuhhād) from the root z-h-d (ز-ه-د), relating to renunciation of worldly desires.

प्रयोग

In ghazal poetry, ascetics are typically addressed as conventional, joyless figures contrasted against the intoxicated, sincere lover (rind).

उदाहरण

ऐ ज़हाद, मैख़ाने में होश की बातें न करो।

ज़हाद को क्या ख़बर इश्क़ की सरमस्ती की।

समानार्थी

ज़ाहिदीनआबिदपरहेज़गार

संबंधित शब्द

ज़ुहदज़ाहिदरिंददैर
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