शब्दार्थ
ज़ाहिद
zaahid
hinoun
अर्थ
तपस्वी, संयमी या धर्मपरायण परहेज़गार व्यक्ति।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'ज़ाहिद' उस बाह्य तपस्वी या धर्मोपदेशक का प्रतीक है जो मदिरा और सांसारिक प्रेम की निंदा करता है। इस शेर में शायर ज़ाहिद पर व्यंग्य करते हुए सवाल करता है कि वह शराब का प्याला क्यों अस्वीकार कर रहा है। ग़ज़ल की परंपरा में ज़ाहिद हमेशा सूफ़ी या रिंद के रूढ़िवादी विरोधी के रूप में प्रस्तुत होता है।
व्युत्पत्ति
Arabic (زَاهِد), active participle from the root z-h-d (زَهَدَ), meaning to abstain, renounce worldly pleasures, or practice asceticism.
प्रयोग
The zahid is a stereotypical stock character in ghazal poetry, routinely mocked by poets for hypocrisy and superficial piety.
उदाहरण
ज़ाहिद शराब पीने दे मस्जिद में बैठ कर
वाइज़ ओ ज़ाहिद को मय-कदे से क्या निस्बत
समानार्थी
परहेज़गारआबिदतपस्वीपार्सा
संबंधित शब्द
ज़ुहदरिंदवाइज़मय-कदा
