शब्दार्थ

जेह

zeh

hiinterjection

अर्थ

प्रशंसा या विस्मय सूचक शब्द; वाह, क्या ख़ूब, धन्य।

विस्तार

फ़ारसी और उर्दू शायरी में 'ज़ेह' (या 'ज़हे') तारीफ़, प्रशंसा और विस्मय प्रकट करने वाला अव्यय है, जिसका अर्थ 'वाह-वाह' या 'क्या ख़ूब' होता है। इस शे'र में यह 'जेह-ए-सुकूत' के रूप में मौन नज़र की गहराई और खूबसूरती को सराहने के लिए आया है। यह ख़ामोशी में छिपी व्यंजना को दाद देने का काम करता है।

व्युत्पत्ति

Persian 'zah' (زہ) / 'zihi' (زہے), an interjection of praise or admiration.

प्रयोग

Frequently used with izāfat in classical ghazals to extol a beloved's attribute or lament a twist of fate with poetic wonder.

उदाहरण

जेह-ए-सुकूत-ए-नज़र

जेह-ए-क़िस्मत

समानार्थी

वाहआफ़रींशाबाश

संबंधित शब्द

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