शब्दार्थ
जाँ-सिपारी
Jaan-sipārī
hiNoun
अर्थ
प्राणोत्सर्ग, जान न्योछावर करना, चरम आत्म-बलिदान।
विस्तार
'जाँ-सिपारी' का अर्थ महबूब के लिए अपने प्राण अर्पित करना या आत्म-बलिदान देना है। प्रस्तुत शेर में कहा गया है कि इश्क़ में दी गई जान शजर-ए-बेद (फलहीन मजनू के पेड़) की तरह बेअसर और निष्फल नहीं होती। यह समर्पण और सच्ची निष्ठा की सार्थकता को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Persian compound of 'jān' (soul/life) and 'sipārdan' (to entrust, hand over).
प्रयोग
Commonly employed in classical ghazal to denote the lover's ultimate test of fidelity through the willing surrender of life.
उदाहरण
इश्क़ की मंज़िल पर जाँ-सिपारी लाज़िम है।
उनकी जाँ-सिपारी ने वफ़ा की दास्तान लिख दी।
समानार्थी
फ़िदाकारीक़ुरबानीआत्मसमर्पण
संबंधित शब्द
जाँ-निसारीजाँ-फ़िशानीजाँ-बाज़ी
