शब्दार्थ
जुस्तजू
justajū
hinoun (feminine)
अर्थ
खोज, तलाश, अन्वेषण या पाने की तीव्र चाह।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'जुस्तजू' का अर्थ महबूब या ईश्वरीय सत्य की निरंतर खोज और ललक है। प्रस्तुत शेर में यह आशिक़ के दिमाग़ पर सवार उस धुन को दर्शाता है जो मंज़िल के हर क़दम पर मौजूद होने के बावजूद ख़त्म नहीं होती। यह यह दर्शाता है कि इश्क़ के सफ़र में मंज़िल पाने से भी बड़ा मक़सद तलाश की वह सतत भावना बन जाती है।
व्युत्पत्ति
Persian, from the verb 'justan' (to search or seek).
प्रयोग
In ghazals, 'justaju' is frequently paired with concepts of restless madness or longing ('sauda', 'shauq') to portray the endless journey of the spiritual seeker or passionate lover.
उदाहरण
जुस्तजू में तिरी हम कहाँ तक गए
सफ़र तमाम हुआ पर ख़त्म जुस्तजू न हुई
समानार्थी
तलाशखोजढूँढअन्वेषण
संबंधित शब्द
सौदामंज़िलतलबशौक़
