शब्दार्थ

ज़वाल

zawaal

hinoun

अर्थ

पतन, अवनति, ह्रास या ढलाव।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'ज़वाल' का अर्थ बुलंदी या वैभव के बाद का पतन अथवा ह्रास है। इस शेर में यह 'आदम-ए-ख़ाकी' यानी नश्वर मनुष्य के पतन और उसके दुःखद अंत की ओर संकेत करता है। यह शब्द अक्सर सांसारिक वैभव के मिटने और बुलंदी के उलट ढलने के संदर्भ में आता है।

व्युत्पत्ति

Arabic root z-w-l (ز-و-ل), relating to departing, declining, or vanishing (as of the sun past its zenith).

प्रयोग

In ghazal poetry, 'zawal' is most frequently paired antithetically with 'urooj' to contemplate the transient nature of worldly power and fortune.

उदाहरण

हर उरूज के मुक़द्दर में ज़वाल लिखा है।

ज़वाल-ए-आदम-ए-ख़ाकी का सबब क्या है?

समानार्थी

पतनह्रासतसफ़ियागिरावट

संबंधित शब्द

उरूजज़ियानफ़नागुज़र
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