शब्दार्थ
ज़ुल्मत
zulmat
hinoun, feminine
अर्थ
अंधकार, तिमिर या स्याही।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'ज़ुल्मत' का अर्थ गहरा अंधकार, निराशा या अज्ञान का तिमिर होता है। प्रस्तुत शेर में यह चाँद के स्याह हिस्से या ग्रहण की कालिमा को दर्शाता है, जो रोशनी के विपरीत खड़ा है। यह शब्द प्रकृति और मानवीय जीवन में उजाले और अंधेरे के अटूट द्वंद्व को अभिव्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic (ظُلمة / ẓulmah), from the root ظ-ل-م (z-l-m), relating to darkness, obscurity, or being unjust.
प्रयोग
In the ghazal tradition, 'zulmat' is frequently juxtaposed with 'noor' or 'roshni' to symbolize sorrow, separation, or ignorance.
उदाहरण
शब-ए-ग़म की ज़ुल्मत में कोई चराग़ नहीं जलता
ज़ुल्मत-ए-दहर में राह-ए-हक़ ढूँढना आसान नहीं
समानार्थी
तारीकीअंधेरास्याहीतिमिर
संबंधित शब्द
ज़ुल्मज़ालिममज़लूम
