शब्दार्थ
ज़ुल्म-रसीदों
zulm-rasīdoñ
hinoun
अर्थ
अत्याचार और सितम के सताए हुए लोग; मज़लूम।
विस्तार
यह शब्द 'ज़ुल्म' (अत्याचार) और 'रसीदा' (पहुंचा हुआ/पीड़ित) का यौगिक बहुवचन रूप है, जिसका अर्थ है सितम के शिकार लोग। प्रस्तुत शेर में शायर ग़रीबों के क़ब्रिस्तान का हवाला देते हुए कहता है कि दुनिया में इन बेबस और सताए हुए लोगों पर न जाने क्या-क्या जु़ल्म ढहाए गए होंगे।
व्युत्पत्ति
Arabic 'zulm' (injustice, oppression) + Persian 'rasīdah' (past participle of 'rasīdan', to arrive, befall, reach).
प्रयोग
Frequently used in classical ghazal and marsiya traditions to evoke deep pathos for the marginalized who suffer social or romantic cruelty without redress.
उदाहरण
आह-ए-ज़ुल्म-रसीदाँ अर्श को हिला देती है।
ज़ुल्म-रसीदों का यहाँ कोई पुरसाँ-ए-हाल न था।
समानार्थी
मज़लूमोंसितम-रसीदोंसितम-ज़दोंसितम-दीदा
संबंधित शब्द
ज़ुल्मज़ुल्म-रसीदासितमगोर-ए-ग़रीबाँ
