शब्दार्थ
ज़र्रे
zarrē
hinoun
अर्थ
धूल के कण या मानव की insignificance का प्रतीक।
विस्तार
शब्द 'ज़र्रे' छोटे कणों की छवि को प्रकट करता है, जो अस्तित्व की नाजुकता का प्रतीक है। काव्य में, यह जीवन की क्षणिक प्रकृति और ब्रह्मांड में किसी के स्थान पर विचार करता है। इन नाज़ुक कणों के माध्यम से, कवि विनम्रता और ब्रह्मांडीय महत्वहीनता जैसे विषयों को अन्वेषण करते हैं।
व्युत्पत्ति
From Persian زَر (zar) meaning gold, implying value but contrasting with dust.
प्रयोग
In classical poetry, 'ज़र्रे' often serves as a metaphor for human existence amidst the grand cosmos, emphasizing humility.
उदाहरण
हम केवल ज़र्रे हैं रात की विशालता में, सितारों के बीच खोए हुए।
जीवन के बाग में, ज़र्रे हवा में तैरते हैं, आश्चर्य की कहानियां फुसफुसाते।
समानार्थी
कणधूलअवशेष
संबंधित शब्द
कائنातअस्तित्वविनम्रता
