शब्दार्थ
ज़ारी
zari
hinoun
अर्थ
विलाप, रोना-धोना, आर्तनाद या फ़रियाद।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'ज़ारी' का अर्थ गहरे विलाप, फूट-फूटकर रोने और दुख की पुकार से है। प्रस्तुत शे'र में यह टुकड़े-टुकड़े हुए दिल की तड़प, चीख़ और लगातार जारी कराह को व्यक्त करता है। यह शब्द प्रेमी की विवशता और असीम शोक का प्रतीक है।
व्युत्पत्ति
Persian (زار 'zar', meaning afflicted/weeping, + nominal suffix 'ی' '-i').
प्रयोग
Frequently paired in the hendiadys 'आह-ओ-ज़ारी' (sighing and weeping) or 'नाला-ओ-ज़ारी' to depict the lover's sleepless nights and despair.
उदाहरण
आह-ओ-ज़ारी से मिरी कोई असर उस पर न हुआ।
गुज़री शब-ए-ग़म सिर्फ़ फ़रियाद ओ ज़ारी में।
समानार्थी
विलापरोनामातमबुका
संबंधित शब्द
ज़ारज़ार-ज़ारआह-ओ-ज़ारी
