शब्दार्थ
जौर
jaur
hinoun
अर्थ
अत्याचार, ज़ुल्म, सितम या बेइंसाफ़ी।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'जौर' का अर्थ ज़ुल्म, अत्याचार और सितम होता है, जो अक्सर माशूक़ या ज़माने द्वारा प्रेमी पर ढाया जाता है। इस शेर में 'सितम-ओ-जौर' ना-ख़ुदा (नाविक) की बेरुख़ी और उसके द्वारा दी गई तकलीफ़ों को दर्शाता है। शायर का आशय है कि जब नाव किनारे लग ही गई, तो ख़ुदा के सामने उस ज़ुल्म की शिकायत करने का क्या औचित्य।
व्युत्पत्ति
Arabic origin (جَوْر, jawr), signifying deviation from justice, inequity, tyranny, or wrongful conduct.
प्रयोग
In ghazal tradition, 'jaur' is often coupled with 'jafā' as an alliterative compound ('jaur-o-jafā') to depict the beloved's ruthless indifference.
उदाहरण
जौर-ओ-जफ़ा सहना
जौर-ए-फ़लक का शिकवा
समानार्थी
ज़ुल्मसितमजफ़ाबेदाद
संबंधित शब्द
जौर-ओ-जफ़ाजौर-पेशहना-ख़ुदासितमगर
