शब्दार्थ
जियूँ
jiyūñ
hiverb
अर्थ
मैं जीवित रहूँ या कैसे जीऊँ।
विस्तार
इस शे'र में 'जियूँ' विवशता और लाचारी से भरा एक सवाल है कि इतने दुखों के बीच कोई कैसे जीवित रह सकता है। यह 'जीना' क्रिया का उत्तम पुरुष एकवचन संभाव्य/भविष्यत् रूप है। यहाँ कवि एक अकेली जान पर अनगिनत आज़ारों (रोगों/कष्टों) के भारी बोझ को बयान करता है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit जीवति (jīvati) through Prakrit जीअइ (jīaï) to Hindustani जीना (jīnā).
प्रयोग
Commonly used in ghazal poetry to voice existential anguish, unbearable separation, or the struggle to endure emotional torment.
उदाहरण
तेरे बग़ैर अब किस तरह जियूँ
कोई तो सबब हो कि जियूँ
समानार्थी
ज़िंदा रहूँबचूँबसर करूँ
संबंधित शब्द
जीनाजानज़िंदगीहयात
