शब्दार्थ
ज़मीर
zamīr
hinoun, masculine
अर्थ
अंतरात्मा, अंतःकरण, मन या भीतरी चेतना।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'ज़मीर' का अर्थ अंतरात्मा, गुप्त विचार या मन का भीतरी कोना होता है। इस शेर में यह उस अंतरात्मा या आंतरिक आवाज़ को दर्शाता है जिसने ग़ज़ल कही या सराही, जिसके बाद मुखर ज़बान को शांत रहने का निर्देश दिया गया है।
व्युत्पत्ति
Arabic (ضمير), derived from the root d-m-r denoting concealment, hidden thoughts, or secret feelings.
प्रयोग
Frequently personified in ghazal poetry to contrast the uncompromising truth of the soul with public pretense or outward verbosity.
उदाहरण
आवाज़-ए-ज़मीर सुनना
साफ़ ज़मीर का इंसाँ
समानार्थी
अंतरात्मामनहृदयदिल
संबंधित शब्द
ज़मीर-फ़रोशबातिनविजदान
