शब्दार्थ

ज़बाँ

zabāñ

hinoun

अर्थ

जीभ, रसना, वाणी या किसी चीज़ की नोक।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'ज़बाँ' शब्द 'ज़बान' का काव्य-सम्मत संक्षिप्त रूप है, जिसका अर्थ जीभ, वाणी अथवा नोक होता है। इस शे'र में शायर ने काँटों की नोक को मानवीकृत करके प्यासी जीभ कहा है, जो आबला-पा आशिक़ के छालों के लहू की तलबगार है। यह काँटों के नुकीलेपन और उनकी असीम प्यास का अनुपम दृश्य खींचता है।

व्युत्पत्ति

Persian 'zabān' (زبان), from Middle Persian 'uzwān', ultimately of Proto-Indo-Iranian origin.

प्रयोग

Commonly shortened from 'ज़बान' to 'ज़बाँ' for poetic meter, it represents speech, silence, or parched desire in the ghazal tradition.

उदाहरण

ज़बाँ पे बार-ए-ख़ामोशी

शिकवा-ए-ज़बाँ

समानार्थी

जीभलिसानरसना

संबंधित शब्द

ज़बानज़बाँ-दराज़बे-ज़बाँ
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