शब्दार्थ

जाँ-फ़िशानीयाँ

jāñ-fishāniyāñ

hinoun

अर्थ

प्राणोत्सर्ग, कठिन परिश्रम अथवा सर्वस्व न्योछावर करने के कर्म।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'जाँ-फ़िशानी' का अर्थ प्रेम में अपना सर्वस्व और प्राण तक अर्पित कर देने की तत्परता और कठोर परिश्रम है। मीर के इस शे’र में यह बहुवचन रूप आशिक़ द्वारा दी गई उन अनगिनत कुर्बानियों की ओर संकेत करता है, जिन्हें महबूब ने गै़रों के साथ तौलकर मिट्टी में मिला दिया।

व्युत्पत्ति

Persian compound: 'jān' (soul, life) + 'fishān' (present stem of 'fishāndan', meaning to scatter or shed) + abstract noun suffix '-ī'.

प्रयोग

Commonly employed in the ghazal to portray the ultimate, unsparing devotion of the lover set against the tragic futility of the beloved's indifference.

उदाहरण

इश्क़ में जाँ-फ़िशानी का कोई मोल न रहा।

हमारी जाँ-फ़िशानियों को बेगानों की तरह भुला दिया गया।

समानार्थी

जाँ-निसारियाँक़ुर्बानियाँफ़िदाकारियाँ

संबंधित शब्द

जाँ-फ़िशाँजाँ-निसारीफ़िशानी
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