शब्दार्थ

ज़ाफ़राँ

zā'farāñ

hinoun

अर्थ

केसर; ज़ाफ़रान, जो हँसी और उल्लास से सम्बद्ध है।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में ज़ाफ़रान (केसर) को बेसाख़्ता हँसी और उमंग पैदा करने वाला माना जाता है, जिससे 'किश्त-ए-ज़ाफ़राँ' (हँसी की महफ़िल) का मुहावरा बना। इस शेर में आशिक़ ख़ुद को किश्त-ए-ज़ाफ़राँ कहकर महबूब के बाग़-ओ-बहार के मुक़ाबले आनंद और कहकहों का आलम क़ायम करता है। यह शब्द सुगंधित केसर के साथ-साथ ख़ुशी और कहकहे के प्रतीक रूप में प्रयुक्त हुआ है।

व्युत्पत्ति

Arabic (زعفران, za‘farān), adopted into Persian and then Urdu and Hindi.

प्रयोग

In Urdu ghazal, saffron is almost exclusively invoked in compound metaphors like 'kisht-e-za'faran' to evoke uncontrollable laughter, mirth, or yellowish pale complexion.

उदाहरण

हँसते-हँसते हुआ किश्त-ए-ज़ाफ़राँ आलम

ज़ाफ़राँ के फूल खिलते हैं तबस्सुम से तेरे

समानार्थी

केसरकुंकुम

संबंधित शब्द

किश्त-ए-ज़ाफ़राँज़ाफ़रानीगुल-ए-ज़ाफ़राँ
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