शब्दार्थ

ज़िन्हार

Zinhaar

hiinterjection / adverb

अर्थ

सावधान, खबरदार; कभी नहीं, कदापि नहीं।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'ज़िन्हार' एक ताकीदी अव्यय है, जिसका अर्थ 'सावधान', 'खबरदार' या 'कदापि नहीं' होता है। ग़ालिब के इस शे'र में यह इश्क़ की राह में क़दम रखने वाले नए दीवानों को आगाह करता है कि यदि वे केवल आमोद-प्रमोद चाहते हैं तो ठहर जाएँ। यह घोर चेतावनी और संभलने का भाव दर्शाता है।

व्युत्पत्ति

Persian (زنهار, zīnhār), originally denoting shelter, covenant, or safe-conduct, later shifting into an urgent warning meaning 'beware' or 'never'.

प्रयोग

Frequently used in classical ghazals to issue a stern moral or emotional warning to lovers, novices, or one's own heart.

उदाहरण

ज़िन्हार इस पुर-ख़तर राह पर क़दम न रखना।

ज़िन्हार अहद-ए-वफ़ा को फ़रामोश न करना।

समानार्थी

हरगिज़कदापिअलबत्ता

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