शब्दार्थ
जान-ब-लब
jān-ba-lab
hiadjective
अर्थ
मरणासन्न; जिसके प्राण होंठों तक आ चुके हों।
विस्तार
शाब्दिक रूप से इसका अर्थ 'प्राणों का होंठों पर आ जाना' है, जो मृत्यु के बिल्कुल निकट होने की स्थिति को दर्शाता है। प्रस्तुत शे’र में यह उस व्यथित आशिक़ के लिए प्रयुक्त हुआ है जो असहनीय दर्द के कारण दम तोड़ने की कगार पर है और फिर भी दुखी है। यह क्लासिकी शायरी में विरह या पीड़ा के चरम को व्यक्त करने वाला प्रसिद्ध मुहावरा है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from 'jān' (life/soul), the preposition 'ba' (to/at), and 'lab' (lip).
प्रयोग
Widely used in the Urdu ghazal to dramatically represent the helpless lover lingering on the absolute threshold of death caused by separation.
उदाहरण
मरीज़-ए-ग़म अब जान-ब-लब है, कोई तो उसकी ख़बर ले।
हिज्र की रात में आशिक़ जान-ब-लब हो गया।
समानार्थी
क़रीब-उल-मर्गनीम-जाँमरणासन्न
संबंधित शब्द
जान-कनीदम-ए-वापसींनज़अ
