शब्दार्थ
जानी
jānī
hiverb
अर्थ
पहचानी या समझी गई (जानना क्रिया का स्त्रीलिंग रूप)।
विस्तार
इस शे'र में 'जानी' शब्द 'जानना' क्रिया का भूतकालिक स्त्रीलिंग रूप है, जो संज्ञा 'क़द्र' (स्त्रीलिंग) के साथ प्रयुक्त हुआ है। यहाँ इसका तात्पर्य उस बहुमूल्य रत्न के वास्तविक मूल्य को न पहचान पाने और उसे खपरैल का टुकड़ा समझकर खो देने के पछतावे से है। शास्त्रीय शायरी में यह शब्द किसी गुण, वास्तविकता या महत्त्व को समझने के संदर्भ में प्रयुक्त होता है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit 'जानाति' (jānāti, to know) via Prakrit 'जाणइ' (jāṇaï) into Hindi/Urdu 'जानना' (jānnā).
प्रयोग
In classical ghazal, it commonly forms past-tense constructions paired with feminine nouns like 'qadr' or 'haqīqat' to express missed worth or regret.
उदाहरण
क़द्र-ए-दिल जानी न गई
हक़ीक़त उस की किसी ने न जानी
समानार्थी
पहचानीसमझीबूझी
संबंधित शब्द
जाननाक़द्रपहचानदानिश
