शब्दार्थ

जुनूँ

Junūn

hiNoun (masculine)

अर्थ

दीवानगी, प्रेम का उन्माद, अत्यधिक धुन, पागलपन।

विस्तार

उर्दू और हिंदी काव्य परंपरा में 'जुनूँ' सिर्फ मानसिक विक्षिप्तता नहीं बल्कि इश्क़ का वह चरम बिंदु है जहाँ प्रेमी सांसारिक समझ ('अक़्ल'), मान-मर्यादा और होश-ओ-हवास को त्याग कर केवल अपने महबूब या परम सत्य की धुन में लीन हो जाता है। लैला-मजनूँ के क़िस्से में मजनूँ का वजूद इसी 'जुनूँ' का प्रतीक है।

व्युत्पत्ति

From Arabic 'جنون' (junūn), derived from the root j-n-n (ج-ن-ن) meaning 'to cover, veil, or hide', implying an intellect veiled or swept away by overwhelming intensity.

प्रयोग

In ghazal aesthetics, 'जुनूँ' is perpetually juxtaposed against 'अक़्ल' (worldly intellect). While 'अक़्ल' urges caution and societal conformity, 'जुनूँ' demands total surrender to love and spiritual truth.

उदाहरण

है जुनूँ की एक दुनिया हम भी जिस के हैं मकीं, होश वाले क्यों हमें दुनिया का रस्ता दें।

इश्क़ जब हद से बढ़ा तो जुनूँ बन गया।

समानार्थी

दीवानगीउन्मादशिद्दतवहशतबे-ख़ुदी

संबंधित शब्द

मजनूँदीवानाअक़्लवहशतसौदा
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