शब्दार्थ

ज़िद

zid

hinoun (feminine)

अर्थ

हठ, अड़ियलपन, दुराग्रह या किसी बात पर अड़ जाना।

विस्तार

उर्दू शायरी में 'ज़िद' का अर्थ हठ, अड़ियलपन या बात न मानने की हठीली आदत है, जो अक्सर माशूक़ के मिज़ाज का हिस्सा होती है। मीर के इस शे’र में यह महबूब की उस बेतुकी और अटूट हठ की ओर इशारा करती है, जिसके सबब वह बार-बार शर्मिंदा होने के बावजूद अपनी बेरुख़ी पर अड़ा रहता है। यह आशिक़ की लाचारी और माशूक़ की बेवजह की कठोरता को व्यक्त करती है।

व्युत्पत्ति

Derived from Arabic 'ضِدّ' (zidd), meaning 'contrary', 'opposite', or 'counterpart', which developed into the sense of stubbornness and contrariness in Urdu and Hindustani.

प्रयोग

In the classical ghazal, 'zid' is commonly invoked as an intrinsic trait of the beloved, signifying an obstinate refusal to show grace or mercy to the lover.

उदाहरण

ज़िद छोड़ भी दो अब तो मान जाओ

माशूक़ की इस ज़िद का कोई इलाज नहीं

समानार्थी

हठअड़दुराग्रहइनाद

संबंधित शब्द

ज़िद्दीहठहठधर्मी
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