शब्दार्थ

जागह

jāgah

hinoun

अर्थ

स्थान, जगह, मुक़ाम या ठिकाना।

विस्तार

'जागह' शब्द 'जगह' का प्राचीन तथा काव्य-सम्मत रूप है, जिसका अर्थ स्थान अथवा पड़ाव होता है। प्रस्तुत शे'र में यह महबूब की गली के लिए आया है, जिसे आशिक़ों की जान लेने वाली 'काफ़िर जागह' कहा गया है। शास्त्रीय उर्दू शायरी में बहर की ज़रूरत के तहत इसे अक्सर दीर्घ स्वर के साथ बाँधा जाता था।

व्युत्पत्ति

Persian 'jāgah' (جایگہ / جاگہ), a variant of 'jāygāh' (composed of 'jāy' [place] + '-gāh' [suffix of place]).

प्रयोग

In classical ghazal poetry, 'जागह' was frequently employed as an archaic or metrical alternative to 'जगह' to provide a long first syllable.

उदाहरण

हर इक जागह तिरा जलवा नुमायाँ

न थी उस जागह कोई पनाह

समानार्थी

जगहस्थानमुक़ामठिकाना

संबंधित शब्द

कूचायक-जामकाँदीयार
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