शब्दार्थ
जिगर-कावी
jigar-kāvī
hinoun
अर्थ
कलेजे को कुरेदने या चीरने की तीव्र वेदना; दिली रंज।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'जिगर-कावी' का अर्थ कलेजे या दिल को कुरेदने और अत्यधिक आंतरिक पीड़ा सहने से है। प्रस्तुत शे'र में यह शब्द उस आर्तनाद (नाले) की गहन वेदना को दर्शाता है जो कलेजे को भेदने का काम करती है। यह गंभीर मानसिक परिश्रम और आत्मघाती तड़प का प्रतीक है।
व्युत्पत्ति
Persian compound of 'jigar' (liver/heart) and 'kāvī' (digging/excavating, from the verb 'kāvīdan').
प्रयोग
It is commonly employed in ghazals to depict the devastating emotional labor of loving or composing poetry of profound grief.
उदाहरण
जिगर-कावी की यह सोज़िश लफ़्ज़ों में बयां न हुई
उनकी फ़रियाद में एक अजब जिगर-कावी थी
समानार्थी
जिगर-सोज़ीजाँ-काहीदिल-खराशी
संबंधित शब्द
जिगरकाविशनालासोज़
