शब्दार्थ

ज़ंगार

zangaar

hinoun

अर्थ

तांबे या लोहे पर लगने वाला हरा जंग या मोर्चा।

विस्तार

शास्त्रीय काल में आईने धातु (कांस्य या लोहे) के होते थे, जिन पर समय के साथ हरा मोर्चा या ज़ंग जम जाता था, जिसे ज़ंगार कहते हैं। इस शेर में ग़ालिब ने हरे तोते के अक्स और आईने पर जमे हरे ज़ंगार के रंग की समानता पर बात करते हुए महबूब के संशय को दर्शाया है।

व्युत्पत्ति

Persian (zangār), derived from 'zang' (rust, tarnish).

प्रयोग

In ghazal poetry, it commonly symbolizes the neglect, sorrow, or worldly impurities that cloud the reflective clarity of the heart.

उदाहरण

आईने पर ज़ंगार की तह जम गई थी।

ज़ंगार-ए-दिल को दूर करना बेहद लाज़िम है।

समानार्थी

जंगमोर्चाकाई

संबंधित शब्द

ज़ंगआईनासैक़ल
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