शब्दार्थ
ज़ख़म
zakhm
hinoun, masculine
अर्थ
घाव, चोट, या दिल का सदमा।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'ज़ख़म' जिस्मानी चोट के साथ-साथ इश्क़ और रंज-ओ-अलम के गहरे सदमे का प्रतीक है। इस शेर में यह 'दहान-ए-ज़ख़म-ए-दिल' (दिल के घाव का मुँह) की तरकीब में आया है, जिसे हँसते हुए चेहरे के समान माना गया है। शायर ज़ाहिरी हँसी में भी दिल के खुले हुए ज़ख़्म की सूरत देखता है।
व्युत्पत्ति
From Persian 'زخم' (zakhm), meaning a blow, stroke, or wound.
प्रयोग
In the ghazal, zakhm is frequently associated with salt (namak), sewing (rafū), or the Beloved's arrow to dramatize relentless longing.
उदाहरण
ज़ख़म-ए-दिल का कोई मुदावा न मिला।
ताज़ा ज़ख़म पर नमक छिड़क दिया गया।
समानार्थी
घावजराहतचोट
संबंधित शब्द
ज़ख़्मीमरहमरफ़ू
