शब्दार्थ

ज़क़न

zaqan

hinoun

अर्थ

ठोड़ी, विशेषकर ठोड़ी का गड्ढा।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'ज़क़न' का अर्थ ठोड़ी या उस पर पड़ने वाला गड्ढा होता है। इसे अक्सर 'चाह-ए-ज़क़न' (ठोड़ी का कुआँ) कहा जाता है, जिसमें आशिक़ का दिल क़ैद हो जाता है। इस शे'र में महबूब की ठोड़ी को ख़त (हल्की दाढ़ी) आने से पहले यूसुफ़ के कुएँ जैसा नाज़ुक और बाद में रुस्तम के कुएँ जैसा बताया गया है।

व्युत्पत्ति

Arabic (ذَقَن, dhaqan), meaning chin.

प्रयोग

Frequently used in ghazals as part of the compound 'chāh-e-zaqan' to depict the fatal charm of the beloved's dimple.

उदाहरण

चाह-ए-ज़क़न

ज़क़न-ए-यार

समानार्थी

ठोड़ीज़नख़ज़नख़दान

संबंधित शब्द

चाह-ए-ज़क़नख़तसफ़ा-ए-हुस्न
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