शब्दार्थ
जाओ
Jaao
hiverb
अर्थ
जाना, चले जाना (आज्ञार्थक रूप)।
विस्तार
इस शे'र में 'जाओ' का प्रयोग 'जाओ न' (मत जाओ) के रूप में हुआ है, जहाँ आशिक़ अपने महबूब से दिल रूपी मकाँ को छोड़कर न जाने की इल्तिजा करता है। यह प्रेमी के दिल से रुख़्सत होने पर होने वाले अफ़सोस की चेतावनी के साथ एक गहरा अनुरोध प्रकट करता है।
व्युत्पत्ति
Derived from Sanskrit याति (yāti, 'goes'), via Prakrit जाइ (jāi) into Hindustani जाना (jānā).
प्रयोग
Frequently used in classical Urdu ghazal as an imperative to make impassioned pleas, dismissals, or intimate appeals to the beloved.
उदाहरण
यूँ छोड़ कर न जाओ मुझे बे-क़रार कर के
जाओ सिधारो शौक़ से पर याद रखना
समानार्थी
सिधारोनिकलोचलो
संबंधित शब्द
जानारुख़्सतउठना
