शब्दार्थ
ज़ाएअ
zaaya'
hiविशेषण (Adjective)
अर्थ
नष्ट, व्यर्थ, बर्बाद या निष्फल।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'ज़ाएअ' का अर्थ प्रयास, समय अथवा जीवन का व्यर्थ और नष्ट हो जाना है। इस शेर में इसका प्रयोग यह दर्शाने के लिए हुआ है कि निरंतर अनुनय-विनय से प्रेमी के सारे काम और कोशिशें निष्फल हो गईं। यह प्रिय की उपेक्षा के समक्ष प्रेम के व्यर्थ चले जाने का दर्द बयान करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic origin, active participle from the root ḍ-y-‘ (ض-ی-ع), meaning to perish, become lost, or be wasted.
प्रयोग
Commonly invoked in the ghazal to lament squandered youth, futile devotion, or unvalued tears.
उदाहरण
उम्र सारी ज़ाएअ हो गई तिरी तलाश में
दर्द-ए-दिल को यूँ ज़ाएअ न होने दीजिए
समानार्थी
बर्बादराईगाँतल्फ़व्यर्थ
संबंधित शब्द
ज़ियाअइबरामसफ़हख़सारा
