शब्दार्थ
जाएँ
jaa'en
hiverb
अर्थ
जाएँ, चले जाएँ; यहाँ अर्थ प्रस्थान करने से है।
विस्तार
इस शे'र में 'जाएँ' शब्द 'उठ' के साथ मिलकर संयुक्त क्रिया 'उठ जाएँ' बनाता है, जिसका भाव महबूब की चौखट छोड़ देने से है। आशिक़ प्रश्न करता है कि चाहे जान पर ही क्यों न बन आए, क्या वह अपने महबूब के दर से रुख़्सत हो जाए? यह प्रेम में असीम निष्ठा और अडिग रहने के भाव को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
From Sanskrit 'याति' (yāti, goes) through Prakrit 'जाइ' (jāi) into Old Hindi/Urdu 'जाना' (jānā).
प्रयोग
In ghazal poetry, it frequently combines with interrogatives like 'कहाँ' or 'क्या' to voice the impossibility of parting from the beloved's threshold.
उदाहरण
कू-ए-जानाँ से कहाँ जाएँ
आस्ताँ छोड़ के हम जाएँ कहाँ
समानार्थी
चलेंसिधारेंरुख़्सत होंनिकले
संबंधित शब्द
जानाउठनागुज़रनाआना
