शब्दार्थ
जाऊँ
jaa'un
hiverb
अर्थ
(मैं) जाऊँ; 'जाना' क्रिया का उत्तम पुरुष संभावनार्थ रूप।
विस्तार
'जाऊँ' क्रिया 'जाना' का उत्तम पुरुष एकवचन संभाव्य रूप है। इस शेर में यह 'मर' मुख्य क्रिया के साथ मिलकर 'मर जाऊँ' संयुक्त क्रिया की रचना करता है, जिसका भाव प्राण त्याग देने का है। यहाँ आशिक़ रश्क (डाह) की पराकाष्ठा जताते हुए कहता है कि ऐसी सूरत में वह भला क्यों न दम तोड़ दे।
व्युत्पत्ति
From Prakrit जाइ (jāi), derived from Sanskrit याति (yāti, 'he/she goes').
प्रयोग
In classical ghazal, it frequently functions as an auxiliary in compounds like 'मर जाऊँ' or 'मिट जाऊँ' to evoke themes of self-effacement and fatal passion.
उदाहरण
कहाँ जाऊँ कहाँ ढूँढूँ ठिकाना
मर जाऊँ तिरी दीद की हसरत में तो बेहतर
समानार्थी
सिधारूँचलूूँगुज़रूँ
संबंधित शब्द
जानाजाएजातेमरना
