शब्दार्थ
ज़ईफ़
za'īf
hiadjective
अर्थ
कमज़ोर, दुर्बल, अशक्त या वृद्ध।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'ज़ईफ़' अत्यधिक कमज़ोरी, असमर्थता या लाचारी को दर्शाता है। इस शे'र में यह धूल ('ग़ुबार') के विशेषण के रूप में प्रयुक्त होकर उसकी गतिहीनता और निस्तेजता को व्यक्त करता है। शायर इसके माध्यम से अपनी थकी हुई और थमी हुई जीवन-दशा को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic root ḍ-ʻ-f (ض-ع-ف), denoting weakness, deficiency, or frailty; entered Urdu through Persian.
प्रयोग
Frequently invoked in the ghazal to portray the lover reduced to extreme frailty by the trials of passion and grief.
उदाहरण
दम नहीं बाक़ी तिरे इस आशिक़-ए-ज़ईफ़ में।
राह में बैठा रहा इक गर्द-ए-ज़ईफ़ की तरह।
समानार्थी
कमज़ोरनातवाँदुर्बलअशक्त
संबंधित शब्द
ज़ोफ़ज़ईफ़ीतज़ईफ़
