शब्दार्थ
जौ
jau
hinoun
अर्थ
जौ; एक प्रसिद्ध अनाज जो सांसारिक पोषण का प्रतीक है।
विस्तार
शाब्दिक रूप से यह प्रसिद्ध अनाज 'जौ' है। शायरी में 'गंदुम-ओ-जौ' (गेहूँ और जौ) इस भौतिक संसार और उसकी सांसारिक ज़रूरतों का प्रतीक है। प्रस्तुत शेर में 'जहान-ए-गंदुम-ओ-जौ' से मुराद यह दुनियावी दुनिया है, जो दिल के सोज़ और इश्क़ के पनपने के अनुकूल नहीं है।
व्युत्पत्ति
Persian 'جو' (jaw/jau), cognate with Sanskrit 'यव' (yava).
प्रयोग
In classical ghazal, it is often paired with 'gandum' (wheat) to denote the physical world of daily subsistence, or used idiomatically to denote an insignificantly small quantity.
उदाहरण
जहान-ए-गंदुम-ओ-जौ की फ़िक्र में उलझा दिल
जौ भर भी न थी क़द्र ज़माने में हुनर की
समानार्थी
अनाजयव
संबंधित शब्द
गंदुमरिज़्क़ग़ल्ला
