शब्दार्थ
जों
joñ
hipreposition / particle
अर्थ
जैसे, जिस प्रकार, की तरह, की मानिंद।
विस्तार
यह एक प्राचीन काव्यात्मक सादृश्य-बोधक शब्द है, जिसका अर्थ 'जैसे' अथवा 'जिस प्रकार' होता है। इस शे'र में यह शब्द शायर की मूक उदासी की तुलना तस्वीर में बनी ऐसी कली से करने के लिए प्रयुक्त हुआ है जो कभी खिल नहीं सकती। शास्त्रीय शायरी में उपमा (तशबीह) बाँधने के लिए इसका प्रयोग बहुतायत से मिलता है।
व्युत्पत्ति
From Prakrit/Sanskrit roots (cognate with Sanskrit 'यथा' via Old Hindi/Braj 'ज्यों/जौं').
प्रयोग
A frequent feature of early and classical Rekhta poetry, later largely replaced in modern Urdu prose and verse by 'jaise'.
उदाहरण
जों हबाब-ए-आब (पानी के बुलबुले की तरह)
जों शम-ए-सहर (सुबह की बुझती शमा की मानिंद)
समानार्थी
जैसेज्योंमानिंदतरह
संबंधित शब्द
मिसलगोयाहम-चूँ
