शब्दार्थ
जूँ
jūñ
hiadverb
अर्थ
जैसे; जिस तरह; की तरह; मानिंद।
विस्तार
यह सादृश्य दर्शाने वाला अव्यय है जिसका अर्थ 'जैसे' या 'जिस प्रकार' होता है। प्रस्तुत शेर में यह आईने अथवा जौहर की बहुवर्णी बनावट की उपमा मोर के पंख से देने के लिए आया है। यह शास्त्रीय कविता में 'ज्यों' या 'मानिंद' के अर्थ में बहुप्रयुक्त है।
व्युत्पत्ति
Derived from Sanskrit 'यथा' (yathā) / Prakrit 'जिंव' (jiṁva), evolving into Old Hindavi 'ज्यों' / 'जूँ'.
प्रयोग
A frequent marker of simile in classical ghazal, often paired with 'tūñ' or used independently in place of 'mis̤l'.
उदाहरण
जूँ शमा-ए-सहर बुझ जाना
जूँ गर्द-ए-राह उड़ना
समानार्थी
जैसेज्योंमानिंदमिसल
संबंधित शब्द
यूँत्योंतश्बीह
