शब्दार्थ
छुप
chup
hiverb stem / adverbial form
अर्थ
ओझल होकर, गुप्त रूप से या पर्दा करके।
विस्तार
काव्य में यह शब्द गुप्त रूप से रहने, ओझल होने या कोई काम परदे में करने को दर्शाता है। प्रस्तुत शेर में 'छुप के' पीने का अभिप्राय समाज और व्यवस्था के भय से चोरी-छिपे शराब पीने से है। यह शब्द पूर्व काल के संकोच और आने वाले युग की खुली बेबाकी के अंतर को स्पष्ट करता है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit kṣup / Hindi-Urdu verb chupnā (to hide, be concealed).
प्रयोग
Frequently paired with 'के' (छुप के) in Urdu ghazals to signify illicit, discreet, or modest actions away from public scrutiny.
उदाहरण
छुप के मिलना रकीब से उनका
छुप गया चाँद घटाओं की ओट में
समानार्थी
ओझलपिनहाँपोशीदागुप्त
संबंधित शब्द
छुपानाछुपावछुपन-छुपाई
