शब्दार्थ

छेड़ूँ

chheṛūñ

hiverb

अर्थ

छेड़खानी करना, तंग करना या उकसाना।

विस्तार

उर्दू शायरी में यह शब्द महबूब से छेड़खानी करने, शोख़ी दिखाने या बात करने पर मजबूर करने के अर्थ में आता है। प्रस्तुत शे'र में आशिक़ महबूब को जान-बूझकर छेड़ता है ताकि कोई प्रतिक्रिया मिले, मगर नशा न होने के कारण महबूब ख़ामोश ही रहता है।

व्युत्पत्ति

Derived from Old Indo-Aryan / Sanskrit roots related to agitating or disturbing (cognate with Prakrit forms linked to stirring or vexing).

प्रयोग

A common motif in ghazals to describe the lover's playful and desperate attempts to elicit any reaction from an indifferent beloved.

उदाहरण

बात बे-बात उन्हें छेड़ूँ तो वो रूठ जाएँ

छेड़ूँ कोई नग़्मा साज़-ए-दिल पर

समानार्थी

सतानाउकसानातंग करना

संबंधित शब्द

छेड़छाड़छेड़छेड़ना
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