शब्दार्थ

छेड़

chheṛ

hinoun (feminine)

अर्थ

छेड़छाड़, उलाहना, तंग करना या उलझना।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'छेड़' का अर्थ छेड़छाड़, चुहलबाज़ी या किसी को जानबूझकर सताना होता है। प्रस्तुत शेर में यह बिजली का आशिक़ के कमज़ोर घोंसले (ख़ाशाक-ए-आशियाँ) को निशाना बनाकर तंग करने या जलाने की ओर संकेत करता है।

व्युत्पत्ति

Hindustani, derived from the Sanskrit root खिद् (khid) / Prakrit छेद्द- leading to the verbal base छेड़ना (chheṛnā).

प्रयोग

Commonly used in ghazals to depict either the beloved's coquettish banter or fate's persistent torment of the lover.

उदाहरण

रखती है छेड़ मेरे दिल-ए-बेकरार से

हर बात में इक छेड़ का पहलू निकल आया

समानार्थी

मज़ाक़शरारतदिल्लगीसताना

संबंधित शब्द

छेड़नाछेड़छाड़छेड़ा
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