शब्दार्थ

छोड़

chhoṛ

hiverb

अर्थ

त्यागना, जाने देना, या विमुख होना।

विस्तार

काव्य में 'छोड़' का प्रयोग किसी विचार, संबंध या आश्रय को त्यागने अथवा विमुख होने के अर्थ में आज्ञार्थक रूप में होता है। प्रस्तुत शेर में यह माशूक़ की ज़ुल्फ़ों के ख़याल को न छोड़ने की ताकीद करता है। यह ख़तरे के बावजूद इश्क़ में स्थिर रहने की प्रेरणा देता है।

व्युत्पत्ति

Sanskrit छोटयति (choṭayati) through Prakrit छुड्डइ (chuḍḍaï) into Hindustani छोड़ना (chhoṛnā).

प्रयोग

Frequently employed in negative imperatives with 'न' or 'मत' to urge unwavering loyalty to love or grief.

उदाहरण

दामन-ए-उम्मीद न छोड़

कूचा-ए-यार कैसे छोड़ूँ

समानार्थी

त्यागतर्क करहटा

संबंधित शब्द

छोड़नाछुड़ानाछूट
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