शब्दार्थ
छूटूँ
chhooṭūñ
hiverb
अर्थ
मुक्त होऊँ, छुटकारा पाऊँ या रिहा होऊँ।
विस्तार
प्रस्तुत शे'र में 'छूटूँ' का आशय वफ़ा के संताप और दर्द-ओ-ग़म से मुक्ति या छुटकारा पाने की चाहत से है। आशिक़ मौत को ज़रिया बनाकर इस निरंतर पीड़ा से आज़ाद होना चाहता था, मगर सितमगर माशूक़ उस पर भी राज़ी नहीं हुआ।
व्युत्पत्ति
Sanskrit 'छुट्यति' (chuṭyati) / Prakrit 'छुट्टइ' (chuṭṭaï) evolving into Hindustani 'छूटना' (to be released).
प्रयोग
Commonly invoked in classical poetry to voice an earnest desire for liberation from captivity, suffering, or the clutches of unrequited love.
उदाहरण
क़फ़स-ए-ग़म से किसी तौर मैं छूटूँ तो कहूँ।
दाम-ए-उल्फ़त से भला कैसे छूटूँ ऐ हमदम?
समानार्थी
नजात पाऊँरिहा होऊँआज़ाद होऊँबचूँ
संबंधित शब्द
छूटछुटकाराछुड़ाना
